ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 125125.14महाभारत 125.14तेन शब्देन महता पूर्णश्रुतिरथाब्रवीत् धृतराष्ट्रो नरश्रेष्ठो विदुरं हृष्टमानसःपिछलाअगलापूरा अध्याय