Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 123.59

मद्वाक्यसमकालं ते मोक्तव्योऽत्र भवेच्छरः
वितत्य कार्मुकं पुत्र तिष्ठ तावन्मुहूर्तकम्

पूरा अध्याय