ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 122122.34महाभारत 122.34उपस्थितं तु द्रुपदः सखिवच्चाभिसंगतम् स मां निराकारमिव प्रहसन्निदमब्रवीत्पिछलाअगलापूरा अध्याय