ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 122122.17महाभारत 122.17वेत्स्यामीषीकया वीटां तामिषीकामथान्यया तामन्यया समायोगो वीटाया ग्रहणे ममपिछलाअगलापूरा अध्याय