Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 118.24

तां प्रेक्ष्य पतितामार्तां पौरजानपदो जनः
रुरोद सस्वनं सर्वो राजभक्त्या कृपान्वितः

पूरा अध्याय