ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 117117.19महाभारत 117.19तेषामथो वृद्धतमः प्रत्युत्थाय जटाजिनी महर्षिमतमाज्ञाय महर्षिरिदमब्रवीत्पिछलाअगलापूरा अध्याय