ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 114114.2महाभारत 114.2सा बलिं त्वरिता देवी धर्मायोपजहार ह जजाप जप्यं विधिवद्दत्तं दुर्वाससा पुरापिछलाअगलापूरा अध्याय