Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 113.38

आवाहयामि कं देवं ब्रूहि तत्त्वविदां वर
त्वत्तोऽनुज्ञाप्रतीक्षां मां विद्ध्यस्मिन्कर्मणि स्थिताम्

पूरा अध्याय