ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 113113.3महाभारत 113.3अथ त्विमं प्रवक्ष्यामि धर्मं त्वेतं निबोध मे पुराणमृषिभिर्दृष्टं धर्मविद्भिर्महात्मभिःपिछलाअगलापूरा अध्याय