ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 110110.17महाभारत 110.17तासु सर्वास्ववस्थासु त्यक्तसर्वेन्द्रियक्रियः संपरित्यक्तधर्मात्मा सुनिर्णिक्तात्मकल्मषःपिछलाअगलापूरा अध्याय