ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 109109.5महाभारत 109.5वैशंपायन उवाच राजा पाण्डुर्महारण्ये मृगव्यालनिषेविते वने मैथुनकालस्थं ददर्श मृगयूथपम्पिछलाअगलापूरा अध्याय