ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 109109.10महाभारत 109.10न विधिं ग्रसते प्रज्ञा प्रज्ञां तु ग्रसते विधिः विधिपर्यागतानर्थान्प्रज्ञा न प्रतिपद्यतेपिछलाअगलापूरा अध्याय