Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 102.21

प्रनष्टं शंतनोर्वंशं समीक्ष्य पुनरुद्धृतम्
ततो निर्वचनं लोके सर्वराष्ट्रेष्ववर्तत

पूरा अध्याय