ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 101101.14महाभारत 101.14शूलाग्रे तप्यमानेन तपस्तेन महात्मना संतापं परमं जग्मुर्मुनयोऽथ परंतपपिछलाअगलापूरा अध्याय