ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 9सूक्त 66.16अथर्ववेद 6.16शूर्पं॑ प॒वित्रं॒ तुषा॑ ऋजी॒षाभि॒षव॑णी॒रापः॑ ॥१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय