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अथर्ववेद 3.21

या द्विप॑क्षा॒ चतु॑ष्पक्षा॒ षट् प॑क्षा॒ या नि॑मी॒यते॑ ।
अ॒ष्टाप॑क्षां॒ दश॑पक्षां॒ शालां॒ मान॑स्य॒ पत्नी॑म॒ग्निर्गर्भ॑ इ॒वा श॑ये ॥२१॥

पूरा अध्याय