Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 2.25

यास्ते॑ शि॒वास्त॒न्वःऽ काम भ॒द्रा याभिः॑ स॒त्यं भव॑ति॒ यद् वृ॑णी॒षे।
ताभि॒ष्ट्वम॒स्माँ अ॑भि॒संवि॑शस्वा॒न्यत्र॑ पा॒पीरप॑ वेशया॒ धियः॑ ॥२५॥

पूरा अध्याय