ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 8सूक्त 66.3अथर्ववेद 6.3मा सं वृ॑तो॒ मोप॑ सृप ऊ॒रू माव॑ सृपोऽन्त॒रा। कृ॒णोम्य॑स्यै भेष॒जं ब॒जं दु॑र्णाम॒चात॑नम् ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय