ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 8सूक्त 1010.64अथर्ववेद 10.64न च॑ प्रत्याह॒न्यान्मन॑सा त्वा प्र॒त्याह॒न्मीति॑ प्र॒त्याह॑न्यात् ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय