ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 8सूक्त 11.21अथर्ववेद 1.21व्यऽवात् ते॒ ज्योति॑रभू॒दप॒ त्वत्तमो॑ अक्रमीत्। अप॒ त्वन्मृ॒त्युं निरृ॑ति॒मप॒ यक्ष्मं॒ नि द॑ध्मसि ॥२१॥पिछलापूरा अध्याय