Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 55.1

ये ते॒ पन्था॒नोऽव॑ दि॒वो येभि॒र्विश्व॒मैर॑यः ।
तेभिः॑ सुम्न॒या धे॑हि नो वसो ॥१॥

पूरा अध्याय