ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 7सूक्त 1717.1अथर्ववेद 17.1धा॒ता द॑धातु नो र॒यिमीशा॑नो॒ जग॑त॒स्पतिः॑ । स नः॑ पू॒र्णेन॑ यच्छतु ॥१॥अगलापूरा अध्याय