Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 114.1

आ ते॑ ददे व॒क्षणा॑भ्य॒ आ ते॒ऽहं हृद॑याद् ददे ।
आ ते॒ मुख॑स्य॒ सङ्का॑शा॒त् सर्वं॑ ते॒ वर्च॒ आ द॑दे ॥१॥

पूरा अध्याय