ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 7सूक्त 110110.3अथर्ववेद 110.3उप॑ त्वा दे॒वो अ॑ग्रमीच्चम॒सेन॒ बृह॒स्पतिः॑ । इन्द्र॑ गी॒र्भिर्न॒ आ वि॑श॒ यज॑मानाय सुन्व॒ते ॥३॥पिछलापूरा अध्याय