ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 6सूक्त 8787.2अथर्ववेद 87.2इ॒हैवैधि॒ माप॑ च्योष्ठाः॒ पर्व॑त इ॒वावि॑चाचलत्। इन्द्र॑ इवे॒ह ध्रु॒वस्ति॑ष्ठे॒ह रा॒ष्ट्रमु॑ धारय ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय