ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 6सूक्त 8686.2अथर्ववेद 86.2स॒मु॒द्र ई॑शे स्र॒वता॑म॒ग्निः पृ॑थि॒व्या व॒शी। च॒न्द्रमा॒ नक्ष॑त्राणामीशे॒ त्वमे॑कवृ॒षो भ॑व ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय