ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 6सूक्त 7979.2अथर्ववेद 79.2त्वं नो॑ नभसस्पत ऊर्जं॑ गृ॒हेषु॑ धारय । आ पु॒ष्टमेत्वा वसु॑ ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय