Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 74.1

सं वः॑ पृच्यन्तां त॒न्वः॑१ सं मनां॑सि॒ समु॑ व्र॒ता।
सं वोऽयं ब्रह्म॑ण॒स्पति॒र्भगः॑ सं वो॑ अजीगमत् ॥१॥

पूरा अध्याय