ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 6सूक्त 55.2अथर्ववेद 5.2इन्द्रे॒मं प्र॑त॒रं कृ॑धि सजा॒ताना॑मसद् व॒शी। रा॒यस्पोषे॑ण॒ सं सृ॑ज जी॒वात॑वे ज॒रसे॑ नय ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय