ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 6सूक्त 4141.1अथर्ववेद 41.1मन॑से॒ चेत॑से धि॒य आकू॑तय उ॒त चित्त॑ये । म॒त्यै श्रु॒ताय॒ चक्ष॑से वि॒धेम॑ ह॒विषा॑ व॒यम् ॥१॥अगलापूरा अध्याय