ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 6सूक्त 3636.2अथर्ववेद 36.2स विश्वा॑ प्रति॑ चाक्लृप ऋ॒तूंरुत् सृ॑जते व॒शी। य॒ज्ञस्य॒ वय॑ उत्ति॒रन् ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय