ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 6सूक्त 3333.2अथर्ववेद 33.2नाधृ॑ष॒ आ द॑धृषते धृषा॒णो धृ॑षि॒तः शवः॑ । पु॒रा यथा॑ व्य॒थिः श्रव॒ इन्द्र॑स्य॒ नाधृ॑षे॒ शवः॑ ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय