ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 6सूक्त 1717.4अथर्ववेद 17.4यथे॒यं पृ॑थि॒वी म॒ही दा॒धार॒ विष्ठि॑तं॒ जग॑त्। ए॒वा ते॑ ध्रियतां॒ गर्भो॒ अनु॒ सूतुं॒ सवि॑तवे ॥४॥पिछलापूरा अध्याय