Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 121.4

वि जि॑हीष्व लो॒कं कृ॑णु ब॒न्धान्मु॑ञ्चासि॒ बद्ध॑कम्।
योन्या॑ इव॒ प्रच्यु॑तो॒ गर्भः॑ प॒थः सर्वां॒ अनु॑ क्षिय ॥४॥

पूरा अध्याय