ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 5सूक्त 88.1अथर्ववेद 8.1वै॒क॒ङ्क॒तेने॒ध्मेन॑ दे॒वेभ्य॒ आज्यं॑ वह । अग्ने॒ ताँ इ॒ह मा॑दय॒ सर्व॑ आ य॑न्तु मे॒ हव॑म् ॥१॥अगलापूरा अध्याय