ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 5सूक्त 77.9अथर्ववेद 7.9या म॑ह॒ती म॒होन्मा॑ना॒ विश्वा॒ आशा॑ व्यान॒शे। तस्यै॑ हिरण्यके॒श्यै निरृ॑त्या अकरं॒ नमः॑ ॥९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय