ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 5सूक्त 3030.6अथर्ववेद 30.6इ॒हैधि॑ पुरुष॒ सर्वे॑ण॒ मन॑सा स॒ह। दू॒तौ य॒मस्य॒ मानु॑ गा॒ अधि॑ जीवपु॒रा इ॑हि ॥६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय