ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 5सूक्त 3030.16अथर्ववेद 30.16इ॒यम॒न्तर्व॒दति जि॒ह्वा ब॒द्धा प॑निष्प॒दा। त्वया॒ यक्ष्मं॒ निर॑वोचं श॒तं रोपी॑श्च त॒क्मनः॑ ॥१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय