ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 5सूक्त 2626.1अथर्ववेद 26.1यजूं॑षि य॒ज्ञे स॒मिधः॒ स्वाहा॒ग्निः प्र॑वि॒द्वानि॒ह वो॑ युनक्तु ॥१॥अगलापूरा अध्याय