ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 5सूक्त 2525.3अथर्ववेद 25.3गर्भं॑ धेहि सिनीवालि॒ गर्भं॒ धेहि सरस्वति । गर्भं॑ ते अ॒श्विनो॒भा ध॑त्तां॒ पुष्क॑रस्रजा ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय