ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 5सूक्त 1717.11अथर्ववेद 17.11पु॒न॒र्दाय॑ ब्रह्मजा॒यां कृ॒त्वा दे॒वैर्नि॑किल्बि॒षम्। ऊर्जं॑ पृथि॒व्या भ॒क्त्वोरु॑गा॒यमुपा॑सते ॥११॥पिछलाअगलापूरा अध्याय