ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 5सूक्त 1515.3अथर्ववेद 15.3ति॒स्रश्च॑ मे त्रिं॒शच्च॑ मे ऽपव॒क्तार॑ ओषधे । ऋत॑जात॒ ऋता॑वरि॒ मधु॑ मे मधु॒ला क॑रः ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय