ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 5सूक्त 1414.11अथर्ववेद 14.11उदे॒णीव॑ वार॒ण्यऽभि॒स्कन्दं॑ मृ॒गीव॑ । कृ॒त्या क॒र्तार॑मृच्छतु ॥११॥पिछलाअगलापूरा अध्याय