Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 19.2

ब्रा॒ह्म॒णेन॒ पर्यु॑क्तासि॒ कण्वे॑न नार्ष॒देन॑ ।
सेने॑वैषि॒ त्विषी॑मती॒ न तत्र॑ भ॒यमस्ति॒ यत्र॑ प्रा॒प्नोष्यो॑षधे ॥२॥

पूरा अध्याय