ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 3सूक्त 3131.2अथर्ववेद 31.2व्यार्त्या॒ पव॑मानो॒ वि श॒क्रः पा॑पकृ॒त्यया॑ । व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय