ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 3सूक्त 3131.10अथर्ववेद 31.10उदायु॑षा॒ समायु॒षोदोष॑धीनां॒ रसे॑न । व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा ॥१०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय