ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 3सूक्त 2828.4अथर्ववेद 28.4इ॒ह पुष्टि॑रि॒ह रस॑ इ॒ह स॒हस्र॑सातमा भव । प॒शून् य॑मिनि पोषय ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय