Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 18.5

अ॒हम॑स्मि॒ सह॑मा॒नाथो॒ त्वम॑सि सास॒हिः ।
उ॒भे सह॑स्वती भू॒त्वा स॒पत्नीं॑ मे सहावहै ॥५॥

पूरा अध्याय