ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 9797.2अथर्ववेद 97.2वृक॑श्चिदस्य वार॒ण उ॑रा॒मथि॒रा व॒युने॑षु भूषति । सेमं नः॒ स्तोमं॑ जुजुषा॒ण आ ग॒हीन्द्र॒ प्र चि॒त्रया॑ धि॒या ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय