ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 9393.2अथर्ववेद 93.2प॒दा प॒णींर॑रा॒धसो॒ नि बा॑धस्व म॒हां अ॑सि । न॒हि त्वा॒ कश्च॒न प्रति॑ ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय